AdvisorPhoto

Advisor Message

शिक्षक प्रभावी सगमु कर्त्ता के रूप में विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान प्रदान करके और उनके संज्ञानात्मक कौशलों को विकसित करके , बल्कि व्यक्‍त‍िगत-सामाजिक गणों, आवश्यक कौशलों, जैसे व्यक्‍त‍िगत तथा सामाजिक संबंधों में प्रभावी ढंग से संवाद करने के कौशलों को विकसित करके विद्यार्थियों के समग्र विकास को सनिश्‍च‍ित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ताकि वे अपने व्यक्‍त‍िगत, सामाजिक और शैक्षणिक जीवन के हर पहल में अपना सर्वश्ष्‍ठ प्र रे दर्शन करने में सक्षम हों। कक्षा/विद्यालय में शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों द्वारा व्यक्‍त‍िगत-सामाजिक गणों, जैसे— देखभाल, चितं, संवेदनशीलता, स्वीकृति, सहानभुति, सहयोग आदि को अपनाना और प्रदर्शित करना, एक अनकूकूल वातावरण बनाने में मदद करता है, जो अधिगम के लिए पर्व शर्त है। इक्कीसवीं सदी में आभासी दनिु या में हम बातचीत के लिए कई अवसरों से घिरे हु ए हैं। परिणामस्वरूप, वास्तविक दनिु या में सार्थक बातचीत करने की आवश्यकता कम होती जा रही है। हालाँकि, विद्यार्थियों को वास्तविक विश्‍व संबंधों के मूल्य का पोषण और स्वस्थ पारस्परिक संबंधों के निर्माण तथा पोषण हेत अपनी क्षमताओं के विकास के लिए, इन प्रभावी संचार कौशलों को बढ़ावा दनेा उचित है। ये कौशल न केवल घर पर विद्यार्थियों के पारस्परिक संबंधों, परिवार के सदस्यों और मित्रता के लिए, बल्कि एक प्रभावी तथा अनकूुकूल शिक्षण-अधिगम के माहौल को बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसमें शिक्षक और विद्यार्थी दोनों प्रभावी ढं ग से लेन-दने कर सकते हैं, इस प्रकार अधिगम प्रक्रिया एक सार्थक प्रयास है।